सिरमा देवगम ने यूसिल सीएमडी से किया सवाल जिस अपराधी टिकी मुखी को सीआईएसएफ के जवानों ने सड़क पर दौड़ा -दौड़ा कर पीटा उसे कम्पनी ने किस नियम के तहत दिया है मुफ्त आवास और दूकान

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जमशेदपुर : जादूगोड़ा के नामचीन अपराधी और यूसिल के पूर्व सफाई कर्मचारी रसिक मुखी के पुत्र टिकी मुखी को यूसिल आवासीय कॉलोनी में अवैध तरीके से मुफ्त आवासीय सुविधा और कम्पनी परिसर के गाँधी मार्केट में बिना किसी वैध टेंडर प्रक्रिया के दूकान आवंटन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है l इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहे सामाजिक कार्यकर्त्ता सिरमा देवगम ने अब यूसिल सीएमडी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है l

 

यूसिल के कनीय एवं वरीय स्तर के भ्रष्ट अधिकारीयों के संरक्षण में पल रहे इस अपराधी के खिलाफ सिरमा देवगम पिछले कई महीनो से सीएमडी कार्यालय को शिकायत कर रहे हैं मगर कार्मिक विभाग के एक वरीय अधिकारी की शिथिलता के कारण कोई कारवाई नहीं हो रही है l सिरमा देवगम ने सीएमडी से सीधा सवाल किया है की जिस अपराधी को यूसिल की सुरक्षा में लगे केन्द्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने पूरे जादूगोड़ा की सडको पर दौड़ा -दौड़ा कर पीटा था और उसके आतंक से यूसिल आवासीय कॉलोनी को मुक्त किया था l आज वही अपराधी जो पुलिस रिकॉर्ड में जादूगोड़ा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित है कम्पनी का इतना चहेता कैसे बना ? किस नियम के तहत उसे कम्पनी परिसर में मुफ्त आवास और दूकान का आवंटन किया गया है ?

टिकी मुखी को अवैध रूप से आवंटित दूकान में संचालित अवैध स्कूल 

इस बारे में कम्पनी को सिरमा  देवगम द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार 90 के दशक में यूसिल के ही एक कर्मचारी हुआ करते थे नाम था पी सी गोप l खुद को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का करीबी बता कर लोगों को चूना लगाया करते थे l टिकी मुखी उस समय जादूगोड़ा स्कूल से निकाला गया था l उसे ऐसे ही किसी गुरु की तलाश थी l उसी समय उसकी भेंट पी सी गोप से हुई और वो उसका चेला बन गया l यंही से उसके अपराधिक जीवन की शुरुआत हुई l जिसमे कई बार उसे जेल भी जाना पड़ा l जिसके बाद उसका एक गिरोह बन गया इस गिरोह का काम था प्रतिदिन यूसिल कॉलोनी की पुलिया पर अड्डेबाजी करना और आती – जाती महिलाओं पर फिकरेबाजी करना और गांजा का कश लगाना l

सिरमा देवगम के पत्र के अनुसार टिकी मुखी 90 के दशक में जादूगोड़ा और इसके आस – पास के क्षेत्रों में आतंक का दूसरा नाम हुआ करता था l उस दौर में यूसिल कॉलोनी की महिलाएं शाम ढलते ही इसके आतंक से अपने आवासों में दुबक जाया करती थी l

1996 में शाम का समय था टिकी मुखी अपने साथियों के साथ तब के यूसिल कॉलोनी चांदनी चौक में बैठ कर महिलाओं को छेड़ रहा था उसी समय यूसिल की सुरक्षा में तैनात केन्द्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों से भरी एक गाडी रुकी और उसमे से तेजी से बल के जवान उतरे और टिकी मुखी और उसकी बदमाशों की टोली पर टूट पड़े उन लोगों ने टिकी मुकी को जमीन पर गिरा कर बूट की ठोकरों से मार -मारकर अधमरा कर दिया किसी तरह जब टिकी मुखी खड़ा हुआ तो जवानों ने पहले उसे कान पकड़ कर उठक -बैठक करवाया और फिर उसे थूक कर चटवाया l इतने पर भी उनलोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उनलोगों ने उसे पूरी कॉलोनी की सड़को पर दौड़ा – दौड़ा कर पीटना शुरू किया  l जब टिकी मुखी की जमकर पिटाई चल रही थी तो उसी समय तब के सीआइएसएफ के समादेष्टा एस० सुब्रमणयम वहां पहुंचे और टिकी मुखी की माँ ने उनके पैरों से लिपट कर अपने बेटे के जान की भीख मांगी तब जाकर उस दिन टिकी मुखी की जान बची l इस पिटाई के बाद वो कई दिनों तक बिस्तर से उठ नहीं पाया l बाद में ये बात खुलकर सामने आयी की टिकी मुखी लगतार सीआइएसएफ के जवानों की बहन बेटियों के साथ छेड़खानी कर रहा था इसके लिए समादेष्टा एस० सुब्रमणयम ने उसे बुलाकर समझाने का भी प्रयास किया था मगर जब वो नहीं माना तब एस० सुब्रमणयम का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने टिकी मुखी को उसकी औकात दिखा दी l इसके बाद जबतक सुब्रमणयम साहब यहाँ रहे टिकी मुखी कभी यूसिल कॉलोनी में दिखाई नहीं दिया l  ये बात यूसिल के हर अधिकारी को पता थी l दिवाकर आचार्य तब यहाँ खान प्रबंधक  हुआ  करते थे l  मगर वो जैसे ही इस संस्थान के सीएमडी बने तो उनको टिकी मुखी पर इतना प्यार आया की उन्होंने उसे कम्पनी के नीति -नियमो को ताक पर रखकर सभी नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए मुफ्त आवास से नवाज़ दिया l इतने पर भी जब उनका मन नहीं भरा तो बिना टेंडर प्रक्रिया का पालन किये उसे उसकी काजगी संस्था के नाम पर एक होटल का आवंटन कर दिया l जिसे उसने अपनी मर्जी से एक स्कूल में बदल दिया औरअब वहां से हर महीने टिकी मुखी और उसका भाई कुशो मुखी करीब 4 लाख रुपयों की आमदनी कर रहे हैं l जिसके लिए कम्पनी का दूकान , बिजली , पानी सहित अन्य सभी संसाधन सभी कुछ मुफ्त में उपयोग किया जा रहा है l जिसके लिए किसी भी प्रकार के टैक्स का भुगतान नहीं किया जाता है l

टिकी मुखी को यूसिल आवासीय कॉलोनी परिसर में आवंटित मुफ्त कम्पनी कर्मचारी आवास 

उन्होंने कम्पनी के नीति नियमो पर सवाल उठाते हुए कहा है की क्या कम्पनी में हर अपराधी को मुफ्त आवासीय एवं दूकान की सुविधा दी जा सकती है ? यह एक गंभीर प्रश्न है और इसका जवाब सीएमडी कार्यालय को देना चाहिए l क्योंकि यूसिल सार्वजानिक क्षेत्र की कम्पनी है और देश के हर करदाता के साथ -साथ जादूगोड़ा और इसके आस – पास के हर आदिवासी मूलवासी का पसीना इस कम्पनी के परिचालन में लगा हुआ है l ऐसे में कम्पनी जहाँ आम कर्मचारियों यहाँ तक की अधिकारियों तक से आवास का बाकायदा किराया वसूल करती है तो टिकी मुखी जैसे अपराधी को इस प्रकार सभी सुविधाएँ मुफ्त देने का क्या कारण है ? कम्पनी के अधिकारी ये तर्क देते हैं की उसे मुफ्त आवास का APPROVEL है l उन्होंने सीएमडी से सवाल करते हुए पुछा है की कम्पनी आवास आवंटन नीति में ये कहाँ लिखा है की किसी गैर कर्मचारी को मुफ्त में आवास देना है  वो भी किसी अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को बिना किसी कारण के ? यह यूसिल जैसे अति संवेदनशील संस्थान की सुरक्षा से सीधा – सीधा खिलवाड़ है l क्योंकि हर शाम टिकी मुखी को आवंटित उस आवास में जिले के सह्तिर अपराधियों का जमावड़ा लगता है और वहां अपराध की योजनायें बनाई जाती है l ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है l

सिरमा देवगम के पत्र के मुताबिक इस नामचीन अपराधी को प्रश्रय देने में यूसिल के  कार्मिक और सम्पदा विभाग के कई कनीय और वरीय अधिकारीयों का सीधा -सीधा हाथ है l उन सभी अधिकारीयों के नाम का खुलासा जल्द ही सबूत के साथ किया जायगा  l  क्योंकि जब भी सीएमडी कार्यालय से टिकी मुखी प्रकरण की  शिकायत कार्मिक विभाग अग्रसारित हुई तो उसपर कोई जांच करने के बजाये APPROVEL है कहकर उसे ठन्डे बस्ते में जानबूझकर डाल दिया गया l मगर सवाल अब भी वही है की आवास आवंटन नीति के किस नियम के तहत एक गैर कर्मचारी को आवास आवंटन किया गया ? उस नियम का खुलासा होना चाहिए ताकि टिकी मुखी जैसे अन्य अपराधियों को भी कम्पनी की इस मुफ्त सुविधा का  लाभ मिल सके और इस संस्थान की सुरक्षा खतरे में पड़ सके l ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारीयों को भी चिन्हित कर उनपर कारवाई आवश्यक है l

सूत्र बताते हैं की यूसिल सम्पदा विभाग के एक शौक़ीन मिजाज़ कनीय अधिकारी इस अपराधी के साथ हर शाम खनकते प्यालों के बीच अपनी शामे रंगीन करते हैं l वो चंदा के बड़े शौक़ीन हैं l टिकी मुखी उन्हें नियमित रूप से चंदा पहुंचाता रहता है l जिसकी एवज में उन्होंने टिकी मुखी को पूरी सुरक्षा देने का वादा कर रखा है l

सिरमा देवगम ने इस शिकायत की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय , गृहमंत्री कार्यालय , अध्यक्ष परमाणु उर्जा विभाग , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय को भी भेजकर कारवाई का अनुरोध किया है l  उन्होंने कहा है की जबतक इस अपराधी पर कारवाई नहीं हो जाती तबतक वो यूसिल कम्पनी से सवाल करते रहेंगे l जल्द ही कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर इस प्रकरण पर झारखण्ड उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर किया जायगा l

 

# अगले अंक में पढ़िए कैसे यूसिल के भ्रष्ट अधिकारीयों ने टिकी मुखी के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के सहारे टेंडर घोटाला कर कम्पनी को लगाया करोड़ों का चूना

 

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