जादूगोड़ा : जादूगोड़ा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित अपराधी टिकी मुखी को यूसिल के शौक़ीन तबियत के अधिकारीयों ने अपनी सुख सुविधा लेने के बदले इतना लाभ पहुँचाया जितना किसी अधिकारी को भी वर्षों नौकरी करने के बाद भी मयत्सर नहीं है l यूसिल के पूर्व सफाई कर्मचारी रसिक मुखी के पुत्र तथा पुलिस रिकॉर्ड में जादूगोड़ा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित जादूगोड़ा के नामचीन अपराधी सुखो मुखी उर्फ़ टिकी मुखी को मात्र एक पत्र के आधार पर बिना किसी टेंडर प्रक्रिया का पालन किये यूसिल के तत्कालीन सीएमडी दिवाकर आचार्य के निर्देश पर यूसिल गाँधी मार्केट स्थित शॉप नंबर – 01 आवंटित कर दिया गया l सिरमा देवगम के अनुसार टिकी मुखी को सीएमडी से मिलवाने में यूसिल के सुरक्षा अधिकारी रहे गौर चन्द्र नायक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी l गौर चन्द्र नायक वही सुरक्षा अधिकारी थे जिनको एक होम गार्ड ने 1997 में उन्ही के आवास के बाहर पटक -पटक कर मारा था l मगर वो नहीं सुधरे और उन्होंने अपने रसूख को कायम रखने के लिए तब के नामचीन अपराधी टिकी मुखी को अपना चेला बनाया l टिकी मुखी के बहाने यूसिल के शरीफ तबके के अधिकारीयों को हड्काने के एवज में उन्होंने तत्कालीन सीएमडी दिवाकर आचार्य के घर में आयोजित एक शादी समारोह में बारातियों की जूठी प्लेटें धुलवाने का काम टिकी मुखी को दिलवा कर उसकी लॉयलटी साबित करवाई और उसमे वो सफल भी रहे l उसके बाद शुरू हुआ यूसिल में जमकर भ्रष्टाचार का नंगा नाच l जिसमे सम्पदा विभाग के अधिकारीयों से लेकर तकनिकी निदेशक के पद पर आसीन अधिकारीयों ने जमकर ठुमके लगाये l

हाल ही में यूसिल के जन सूचना पदाधिकारी ने सीरम देवगम को जो सूचना उपलब्ध करवाई है उससे ये साफ़ हो गया है की बड़े साहब से सांठ – गाँठ हो तो आप यूसिल कम्पनी में कुछ भी कर सकते हैं l जन सूचना पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाई गयी सूचना में साफ़ कहा गया है की टिकी मुखी को आवंटित होटल को स्कूल के रूप में परिवर्तित करने का कोई भी आदेश यूसिल प्रबंधन द्वारा नहीं दिया गया है l अब सवाल ये उठता है की फिर किस अधिकारी के इशारे पर वहां स्कूल का सञ्चालन किया जा रहा है ?

दूसरी बात दूकान के लिए केवल 887 वर्गफुट क्षेत्र का आवंटन है मगर टिकी मुखी ने उस दूकान की करीब 2200 वर्ग फुट जगह पर एक भव्य स्कूल खोल दिया है l जहाँ यूसिल प्रबंधन आम दुकानदारों को आवंटित क्षेत्रफल से एक मीटर अधिक जगह पर दूकान लगाने पर अतिक्रमण का नोटिस पकड़ा देती है l वहीँ थाना का दलाल टिकी मुखी अपनी मर्जी से यूसिल की संपत्ति का बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिया जमकर दोहन कर रहा है l सूत्र बताते हैं की इस स्कूल से टिकी मुखी और उसका भाई कुशो मुखी को हर महीने करीब तीन से चार लाख रुपयों का लाभ होता है l मगर जिस समिति का झंडा उठाकर टिकी मुखी ने इस दूकान का आवंटन अपने नाम करवाया उन गरीब दलितों को इस लाखो की कमाई का एक धेला भी नहीं मिलता l मुखी समाज के लोग बताते हैं की समाज के उत्थान में टिकी मुखी ने कभी एक पाई भी खर्च नहीं किया है l सारा रूपया उसके परिवार के लोग खा रहे हैं l
सिरमा देवगम ने बताया की एक तरफ वर्षों से यूसिल द्वारा विस्थापित किये गए आदिवासी -मूलवासी अपने अधिकारों के लिए यूसिल से संघर्षरत हैं l वहीँ बिना किसी पात्रता के यूसिल के अदना सा सफाई कर्मचारी का एक पुर केवल भ्रष्ट अधिकारीयों के संरक्षण में मजदूरों के ख्हों पसीने से सिंचित कम्पनी के संसाधनों का मुफ्त में उपभोग तो कर ही रहा है कम्पनी को आर्थिक नुक्सान भी पहुंचा रहा है l
उन्होंने यूसिल सीएमडी से सवाल किया है की कब होगी इस घोटालेबाज व्यक्ति पर कारवाई ? सिरमा देवगम ने कहा की इस प्रकरण को लेकर जल्द ही परमाणु उर्जा विभाग के अध्यक्ष से मुंबई में मिलेंगे और इस गंभीर प्रकरण से अवगत करवाते हुए यूसिल के भ्रष्ट अधिकारीयों की सूची देकर कारवाई की मांग करेंगे l
# अगले अंक में पढ़िए क्यों कोरोना काल में जादूगोड़ा चौक पर हुई थी टिकी मुखी की सरेआम पिटाई और कैसे डीएसपी के पाँव पकड़ कर उसने बचाई थी अपनी जान#

