यूसिल जादूगोड़ा में भ्रष्टाचार : सिरमा देवगम ने यूसिल सीएमडी को पत्र लिखकर पुछा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित टिकी मुखी को किस नियम के तहत आवंटित किया गया मुफ्त आवास और होटल सीएमडी कार्यालय सवालों के घेरे में

SHARE:

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के चर्चित आर टी आई कार्यकर्त्ता एवं कोल्हान गौरव से सम्मानित सिरमा देवगम ने यूसिल जादूगोड़ा के सीएमडी कार्यालय को एक शिकायत  भेजकर यूसिल के पूर्व सफाई कर्मचारी के पुत्र और थाना के दलाल के रूप में चिन्हित टिकी मुखी को मुफ्त आवास और गाँधी मार्केट में एक होटल आवंटन पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं l

                                                                                       सिरमा देवगम 

यूसिल सीएमडी को भेजे गए पत्र में सिरमा देवगम ने लिखा है की जादूगोड़ा निवासी सुखो मुखी उर्फ़ टिकी मुखी, पिता रसिक मुखी  जो जादूगोड़ा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित है एवं जिसके ऊपर जादूगोड़ा थाना में पूर्व में कई संगीन अपराधिक मामले दर्ज रहे हैं मुखी समाज विकास समिति नामक कागजी संस्था का संचालन कर रहा है l टिकी मुखी अपने आपको मुखी समाज विकास समिति का जिला उपाध्यक्ष कहता है उसने मुखी समाज विकास समिति नामक संस्था के अपने निबंधन से लेकर आज तक जादूगोड़ा क्षेत्र के मुखी समाज के लोगों के हित में कोई भी काम नहीं किया है l  आगे उन्होंने लिखा है की मुखी  समाज के नाम पर बनी तथाकथित संस्था मुखी समाज विकास समिति के नाम पर टिकी मुखी को सभी नियमो को दरकिनार करके यूसिल कॉलोनी के गाँधी मार्केट ( चीप मार्केट )  परिसर में एक होटल शॉप नंबर – 01 में आवंटित किया गया है . इस दूकान को यह कहकर टिकी मुखी द्वारा कम्पनी से लिया गया था की इससे मुखी समाज के लोगों को रोजगार मिलेगा l मगर यहाँ समाज के किसी भी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिला l  बस केवल टिकी मुखी और उसका परिवार ही अकेले इस दूकान को स्कूल के रूप में चला कर मलाई खा रहे हैं l उसमे भी आश्चर्य की बात ये है की इस मुखी समाज विकास समिति की न कभी मासिक बैठक होती है , न चुनाव होता है , न एजीएम होती है और न ही इससे होने वाली लाखों की कमाई का एक भी रुपया मुखी समाज के उत्थान में खर्च किया जाता है l यूसिल के अधिकारीयों की सरपरस्ती में चल रहे इस अवैध प्ले स्कूल से होने वाली लाखों रुपयों की आमदनी को सिर्फ टिकी मुखी और उसके बड़े भाई कुशो मुखी डकार जाते है . जिसपर किसी भी प्रकार का टैक्स भी भुगतान नहीं किया जाता है . तो फिर समिति के नाम पर दुकान आवंटन का क्या औचित्य है ?

                               टिकी मुखी द्वारा गाँधी मार्केट परिसर में अवैध  रूप से संचालित प्ले स्कूल 

जहाँ तक नियमो की धज्जियाँ उड़ाने की बात है होटल के नाम पर लिए गए इस दूकान में कई वर्ग मीटर जमीन को अवैध रूप से अतिक्रमण करके एक प्ले स्कूल में परिवर्तित कर दिया गया है . जिसके लिए कम्पनी के द्वारा कोई भी अधिकारिक आदेश नहीं है l  फिर किसके इशारे पर ये गोरखधंधा चल रहा है ये जानना बड़ी दिलचस्प है l

टिकी मुखी ने दिनांक – 26 / 05 / 2023 को यूसिल के तकनिकी निदेशक राजेश कुमार को एक पत्र लिखा जिसमे उसने होटल को 12 वीं और मैट्रिक के बच्चों के लिए कोचिंग क्लास खोलने का प्रस्ताव देते हुए होटल को कोचिंग क्लास में बदलने के लिए अनुमति देने का आग्रह किया था l  जिसमे अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों को मैट्रिक और 12वीं की कोचिंग मुफ्त देने का प्रस्ताव था  l

इधर उस पत्र पर तत्कालीन तकनिकी निदेशक राजेश कुमार ने बिना कोई आदेश या कारवाई किये उसे सम्पदा विभाग को अग्रसारित कर दिया l

बस बड़े साहब द्वारा पत्र को अग्रसारित करने की देर थी उसी दिन पत्र सम्पदा विभाग के कार्यालय में भी पहुँच गया l मगर वर्तमान सम्पदा विभाग के अधिकारी ने उस पत्र पर होटल के बदले स्कूल खोलने का कोई आदेश नहीं दिया जो की नियम सम्मत था l क्योंकि कम्पनी की किसी भी व्यावसायिक उपयोग वाली सम्पत्ति की मूल प्रकृति को बदलकर उसे नए व्यवसाय के लिए परिभाषित करने और उसका आवंटन करने का अधिकार किसी एक अधिकारी को नहीं है l   यही कारण है की  टिकी मुखी द्वारा दिए गए उस आवेदन पर कोई आदेश जारी नहीं हो सका l

                जादूगोड़ा थाना में पुलिस पिटाई के बाद टिकी मुखी द्वारा लिखा गया माफीनामा 

मगर यूसिल के बड़े साहब की सरपरस्ती में कम्पनी में भ्रष्टाचार का खेल खेल रहे टिकी मुखी ने कोचिंग क्लास के  बदले उस दूकान में एक भव्य प्ले स्कूल खोल दिया l  जो की कम्पनी दूकान आवंटन के नीति नियमो के विरुद्ध है l  मगर दो साल से अधिक समय से मुखी समाज का झंडा उठाये टिकी मुखी इस अवैध प्ले स्कूल से हर महीने लाखों रुपयों की अवैध कमाई कर रहा हैं . क्या कम्पनी के इतने बड़े पद पर बैठे हुए तकनिकी निदेशक स्तर के अधिकारी से ये अपेक्षा की जा सकती है ?  सही अर्थों में यूसिल कॉलोनी के अन्दर किसी भी प्ले स्कूल की आवश्यकता ही नहीं है l  क्योंकि परमाणु उर्जा शिक्षा संस्थान यहाँ करोड़ों रुपये खर्च करके परमाणु उर्जा केन्द्रीय विद्यालय के माध्यम से केजी और नर्सरी क्लास के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवा रही है l

यह पूरी तरह से साफ़ है की जिस उद्देश्य और व्यवसाय के लिए मुखी समाज विकास समिति के एकमात्र सर्वेसर्वा टिकी मुखी ने गाँधी मार्केट में इस होटल का आवंटन करवाया l  उनमे से किसी भी उद्देश्य की पूर्ति समाज हित में नहीं की गयी l  मुखी समाज के नाम पर व्यवसाय करके टिकी  मुखी रातों रात करोडपति हो गए मगर समाज के लोग गरीब ही रह गए l  ये एक बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला है l

सबसे मज़े की बात ये है की इस होटल के आवंटन में किसी भी प्रकार की आवंटन नीति का भी पालन नहीं किया गया l न ही कोई खुली निविदा निकाली गयीl

सिरमा देवगम ने यूसिल सीएमडी  से  निवेदन किया है की जांच कर इस होटल का आवंटन रद्द किया जाये और इसे किसी सुयोग्य व्यक्ति या संस्था को संचालन करने के लिए आवंटित किया जाये l  साथ ही टिकी मुखी पर इस आर्थिक अपराध के लिए सख्त कानूनी कारवाई करते हुए बाज़ार भाव से उनसे इस दूकान का आवंटन अवधी से अब तक का  किराया वसूल किया जाये l

                                   कोल्हान डीआई जी अरुण कुमार सिंह की गोपनीय जांच रिपोर्ट 

जहाँ तक  टिकी मुखी को कम्पनी के नीति नियमो के विरुद्ध जाकर मुफ्त कम्पनी क्वार्टर आवंटन की बात है तो मुखी समाज विकास समिति के कथित जिला उपाध्यक्ष सुखो मुखी उर्फ़ टिकी मुखी की . कम्पनी के अधिकारी इनपर इस कदर मेहरबान रहे की वर्ष 2015 में सबसे पहले इन्हें यूसिल आवासीय कॉलोनी जादूगोड़ा में बिना किसी कारण और नियम के एक आवासीय क्वार्टर A – 45 /355 बिना किसी शुल्क के आवंटित कर दिया गया l  यानी आवास मुफ्त , पानी , बिजली मुफ्त सभी कुछ मुफ्त . जबकि इस कम्पनी को अपने पसीने से सींचने वाले मेहनतकश कर्मचारी सालों एडियाँ रगड़ते हैं तो उन्हें कम्पनी के आवासीय कॉलोनी में रहने के लिए आवास आवंटित किया जाता है l  इसके लिए कम्पनी बाकायदा उनसे आवास और बिजली का किराया वसूल करती है l

अब सबसे बड़ा सवाल ये है की कभी नामचीन अपराधी रहे और वर्तमान में पुलिस रिकॉर्ड में थाना के दलाल के रूप में चिन्हित  सुखो मुखी उर्फ़ टिकी मुखी कम्पनी के अधिकारीयों को कम्पनी के हित में ऐसा कौन सा लाभ पहुंचा रहे थे की उन्हें  आवासीय  सुविधा मुफ्त में प्रदान कर दी गयी ? यहाँ भी इन्हें आवास आवंटन के लिए किसी भी सक्षम पदाधिकारी ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया था l बस तब के शौक़ीन तबियत के तत्कालीन सीएमडी दिवाकर आचार्य के कृपा पात्र बने टिकी मुखी को एक मौखिक आदेश पर ही मुफ्त क्वार्टर का आवंटन हो गया l  इस प्रकरण की गहन जांच की जाये l  यूसिल सम्पदा विभाग के अधिकारीयों ने किस कारण से टिकी मुखी पर इतनी कृपा बरसाई ? जबकि वह न तो कम्पनी के कर्मचारी हैं , न ही कम्पनी में काम करने वाले किसी यूनियन से सम्बद्ध हैं , और न ही यूसिल के अंतर्गत आने वाली किसी समिति में किसी पद पर हैं और न ही कम्पनी के विकास में  उनका कोई  योगदान  है l   तो क्या कारण है की इन्हें मुफ्त में क्वार्टर आवंटन  करना कम्पनी की मजबूरी बन गयी थी . वर्तमान में उस क्वार्टर में रात – दिन  नशेड़ियों का अड्डा लगा रहता है और हर अनैतिक कार्य खुलेआम किये जाते हैं . क्या इस गंभीर प्रकरण की जांच नहीं होनी चाहिए ?

इस बारे में जब यूसिल के कार्मिक महाप्रबंधक राकेश कुमार से जानकारी मांगी गयी तो वो भी इस बात का जवाब नहीं दे पाए की किस नियम के तहत इस अपराधिक छवि के व्यक्ति को यूसिल आवासीय कॉलोनी में मुफ्त आवास आवंटित किया गया है ?

विगत 03 / 12 /2023 को जादूगोड़ा के सरकारी शराब दूकान में उत्पात मचाने के कारण टिकी मुखी की  जादूगोड़ा थाना की पुलिस ने जमकर पिटाई की और रात भर हवालात में बंद रखा  बाद में टिकी मुखी से माफीनामा लिखवा कर छोड़ा ऐसे अपराधिक छवि के व्यक्ति पर यूसिल कम्पनी की मेहरबानी का क्या कारण है ?

देवगम के पत्र के अनुसार चूँकि टिकी मुखी को मुफ्त में बिना किसी आवंटन नियमावली के कम्पनी कर्मचारी क्वार्टर जो भारत सरकार की संपत्ति है दी गयी पूरी तरह से अवैध कृत्य है इसलिए उन्होंने सीएमडी से आग्रह किया है की टिकी मुखी को आवंटित किये गए मुफ्त आवास और दूकान का आवंटन रद्द करते हुए उससे उस आवास और दूकान के आवंटन की तिथि से अब तक स्टैण्डर्ड रेंट वसूल किया जाये l साथ ही  इस भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारीयों को चिन्हित कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाये l उन्होंने पत्र की प्रति परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजा है l

सिरमा देवगम ने कहा है की टिकी मुखी आज मजदूरों के रहनुमा बनने का ढोंग कर रहा है जबकि यूसिल में सम्पदा विभाग के अधिकारीयों के साथ मिलकर इन्होने करोड़ों रुपयों का टेंडर घोटाला करके भारत सरकार को करोड़ों का चूना लगाया और जमकर गरीब मजदूरों का शोषण किया . इसका खुलासा भी जल्द ही किया जायगा l

#अगले अंक में पढ़िए कैसे और क्यों टिकी मुखी और उसके गैंग को सी आई एस एफ के जवानों ने बीच सड़क पर दौड़ा -दौड़ा कर पीटा था और तब कैसे बची थी इसकी जान l

Leave a Comment