जादूगोड़ा : साइबर अपराधियों की सक्रियता से बदनाम हो रहे जादूगोड़ा में लोगों को ठगकर उनका रूपया हज़म करने वाला एक और कटिंग गिरोह सक्रीय है l इस गिरोह की कमान जादूगोड़ा के बदनाम भाजपा ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष रोहित सिंह और उसकी माँ शकुन्तला सिंह के हाथों में है l हाल ही में बोकारो के एक दलित युवक सुमित पासवान को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उससे लाखों रुपयों की ठगी करने के मामले का जब झारखण्ड जनसन्देश टाइम्स ने खुलासा किया तब ये बात सामने आयी l हर बार होता ये था की जब भी इस कटिंग गिरोह की सरगना शकुन्तला सिंह के नाम वारंट भेजा जाता था तो उसे स्थानीय थाना की मदद से दबा दिया जाता था l इस बार भी भी यही होना था मगर जब मामला सुर्ख़ियों में आया तो शकुन्तला सिंह को तेनुघाट कोर्ट में हाज़िर होना पड़ा और जमानत भी लेनी पड़ी l इससे एक बात तो तय हो गया की इस कटिंग गिरोह के सरगना और सदस्यों पर अब लोग मुखर हो गए हैं और लगातार कारवाई का रास्ता भी खुल गया है l
साइबर अपराधियों से भी खतरनाक जादूगोड़ा क्षेत्र के इस कटिंग गिरोह की अगर बात करें तो इसकी शुरुआत रोहित सिंह ने भारतीय जनता पार्टी में आने के बाद की l पार्टी के बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो खिचवा कर और कुछ पूर्व मंत्रियों और विधायको को अपने घर बुलवा कर इसने पहले माहौल बनाया और उसके बाद इसने जादूगोड़ा क्षेत्र के बेरोजगार दलित युवाओं को अपने जाल में फंसाना शुरू किया l जादूगोड़ा में भारत सरकार का संस्थान यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड नामक कम्पनी है l रोहित और उसकी मां शकुन्तला सिंह और उसके गिरोह के लोगों ने केवल जादूगोड़ा ही नहीं अपितु पूरे झारखण्ड के कई युवाओं को इसी यूसिल कम्पनी में ऊँचे पदों पर नौकरी दिलवाने का प्रलोभन देकर उन सभी भोले – भाले लोगों से करोड़ों रुपयों की ठगी की है l इनका ये धंधा खूब मज़े में चल रहा था l सबसे महत्वपूर्ण बात ये है की साइबर ठगी के मामले में पीड़ित थाना तक तो पहुँचते हैं l मगर माँ -बेटे के इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए लोग कभी थाना तक पहुंचे ही नहीं l कारण पीड़ितों से रुपयों का सारा लेन – देन कैश में करने वाले रोहित और शकुन्तला रुपये वापस मांगने पर उन्हें कानूनी पेचीदगियों का हवाला देकर धमका देते थे l इस कारण उनके इस कटिंग कारोबार का मामला कभी स्थानीय थाना तक पहुंचा ही नहीं l यही सोचकर रोहित और शकुन्तला ने बोकारो के दलित युवक सुमित पासवान को फांसा l सुमित की मुलाकात भी रोहित सिंह से भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यक्रम में जमशेदपुर में हुई थी l जहाँ उसने सुमित को मौके पर मौजूद भाजपा के बड़े नेताओं से मिलवाकर अपने झांसे में लिया l फिर उसे अपने घर जादूगोड़ा लेकर आया और अपनी माँ शकुन्तला से मिलवाया l बातचीत के दौरान ही उसने सुमित को बताया की उसका पिता बिजेंद्र प्रसाद सिंह झारखण्ड पुलिस में डीएसपी रह चुका है l और उसके परिवार का पूरे क्षेत्र में बहुत रसूख है l
जबकि असलियत ये है की रोहित का पिता बिजेंद्र झारखण्ड पुलिस में डीएसपी तो दूर की बात है कभी चपरासी भी नहीं रहा है l खैर सुमित पासवान को झांसे में लेने के बाद उसने यूसिल में ऊँचे पद पर नौकरी दिलवाने के नाम पर सुमित पासवान से 2,72000/- ( दो लाख बहत्तर हज़ार ) रुपये अपने और अपनी माँ के खाते में डलवा लिया l
इसके बाद जब काफी लम्बा समय बीत गया और सुमित पासवान को न माया मिली न राम यानी रुपये भी वापस नहीं मिले और नौकरी भी नहीं मिली तो उसने अपना रुपया वापस माँगा l जब सुमित ने रूपया वापस करने के लिए काफी दवाब दिया तो शकुन्तला सिंह ने उसे बैंक ऑफ़ बडौदा जादूगोड़ा शाखा का एक चेक नंबर – 000025 दिनांक – 10 .04. 2024 जिसमे 2,72000/- की रकम भरी गयी थी दे दिया l इस चेक को जब दिनांक – 23 .05.2024 को सुमित पासवान बैंक ऑफ़ इंडिया गोमिया शाखा में भुगतान प्राप्त करने के लिए अपने खाते में डाला तो चेक बाउंस कर गया l इसके बाद फिर से रोहित सिंह ने फोन उठाना बंद कर दिया l इधर गरीबो का चूना लगा – लगा कर कटिंग का धंधा चमका रही माँ -बेटे की इस जोड़ी ने सोचा की अपनी तो पूरी सेटिंग है l इतनी दूर बैठा सुमित पासवान क्या कर लेगा ? मगर कटिंग गिरोह के इन दोनों मुख्य सरगनाओं को सबक सिखाने की ठान चुके सुमित पासवान ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बेरमो तेनुघाट के न्यायालय में दिनांक – 06.08.24 को सारे सबूतों के साथ एक शिकायत वाद नंबर – 790 / 2024 दाखिल कर दिया l इसपर संज्ञान लेते हुए अदालत ने शकुन्तला सिंह ,पति – स्व० बिजेंद्र प्रसाद सिंह , नवरंग मार्केट निवासी के नाम समन जारी उसे दिनांक – 13 /12 /2024 को अदालत के समक्ष हाज़िर होने का निर्देश दिया l मगर गरीबो और लाचारों को ठग -ठगकर और उनका पैसा डकार -डकार कर पूरी तरह से ढीठ हो चुकी शकुन्तला सिंह अदालत में हाज़िर नहीं हुई l इसके बाद पुनः अदालत ने दिनांक – 19 /12 / 2024 को शकुन्तला सिंह के नाम गिरफ़्तारी का वारंट जारी कर उसे पेश करने के लिए जादूगोड़ा थाना को निर्देश दिया l इसके बाद भी पुलिस शकुन्तला सिंह को अदालत में हाज़िर नहीं कर सकी l मगर जब झारखण्ड जनसन्देश टाइम्स ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस – प्रशासन हरकत में आया और उसके बाद शकुन्तला को अदालत जाकर जमानत लेनी पड़ी l अब अदालत ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा है l इधर पीड़ित सुमित पासवान का कहना है की रोहित और शकुन्तला को दिए गए सारे रूपए उनकी मेहनत की कमाई के हैं जिसे वो इन जालसाज माँ -बेटे की जोड़ी से वसूल कर रहेंगे l

जहाँ तक रोहित सिंह उर्फ़ रोहित सिंह परमार के अपराधिक इतिहास को देखा जाये तो ये पुराना जालसाज रहा है l अपनी गरीबी और भुखमरी के जीवन से निकलने के लिए उसने ये सफेदपोश अपराध का रास्ता चुना और इसे अपना पारिवारिक धंधा बना लिया l जादूगोड़ा और झारखण्ड के अन्य जिलो के गरीब और भोले -भाले नौजवानों को नौकरी दिलवाने का प्रलोभन देकर और ठगकर जालसाजी से कमाए गए पैसो से ही इसका घर चलता है l जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में इसका अपना एक गिरोह है जो जादूगोड़ा और इसके आस -पास के भोले – भाले लोगों को फँसा कर इसके पास लाता है और उनलोगों को ये यूसिल , स्वास्थ विभाग , उपायुक्त कार्यालय जैसे जगहों पर नौकरी दिलवाने के नामपर उनसे लाखों रुपयों की ठगी करता है और फिर उनका पूरा पैसा डकार जाता है l हाल ही में इसपर जादूगोड़ा के प्रतिष्ठित व्यवसाई रमेश दास से रंगदारी मांगने का केस नंबर – 245 /2025 दिनांक – 13 .10. 2025 दर्ज हुआ है l इस केस में रोहित सिंह नामजद अभियुक्त है l इतना ही नहीं पूरे जिला में इसने करीब 250 से अधिक लोगों को नौकरी दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपयों का चूना लगाया है l इधर इस मामले के सामने आने के बाद अब और लोग भी कारवाई का मन बना रहे हैं l






